देउर कोठार में ईंटों के टूटे भराव के नीचे रेलिंग के टुकड़े मिले। कहीं दानदाताओं के छोटे लेख थे, कहीं एक बड़े खंभे के बीस हिस्से। रीवा के इस पुरास्थल पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 1999–2000 में जो काम किया, उसका विवरण बताता है कि बिखरी चीजों से किसी संरचना का क्रम कैसे पहचाना जाता है।
दल ने स्तूप 1 और 2 के आसपास खुदाई की। उद्देश्य संरचनात्मक परतों का क्रम समझना और संरक्षण के लिए बचे तथा बिखरे वास्तु-अंश पहचानना था। इसका विवरण ASI की “Indian Archaeology 1999–2000 — A Review” में है, जो 2005 में प्रकाशित हुई।
स्तूप 1 के चारों ओर अलग संकेत
स्तूप 1 के उत्तरी भाग में ईंटों के टूटे भराव के नीचे पत्थर की रेलिंग के टुकड़े मिले। यहीं पाँच खंडित दान-लेख पाए गए, जिन्हें रिपोर्ट दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व के आरंभ का बताती है। पूर्वी हिस्से में खंभे, रेलिंग की आड़ी पट्टियों और ऊपरी वास्तु-अंशों के टूटे टुकड़ों के साथ पत्थर का फर्श दर्ज हुआ।
पश्चिम की ओर ‘एल’ आकार का प्रवेश खंभों के बचे आधारों से पहचाना गया। यहाँ एक विशाल खंभे के बीस टुकड़े मिले। उनमें छह पंक्तियों वाला ब्राह्मी लेख था, जिसे रिपोर्ट मौर्यकाल या दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व के आरंभ से जोड़ती है। एक अन्य टुकड़े पर बैल, दूसरा अनपहचाना पशु और खड़ी मानव आकृति का हिस्सा था।
दूसरे स्तूप से ईंट और मुद्रा का सुराग
स्तूप 2 पहले स्तूप से लगभग 300 मीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में दर्ज है। उसके गुंबदनुमा भाग के भीतर चौकोर ईंटों का केंद्र और उसके चारों ओर एक गोल ईंटी दीवार मिली; बीच की जगह मिट्टी के गारे से भरी थी। यह विवरण निर्माण की तकनीक को प्रत्यक्ष मापों से पहचानता है।
यहाँ चार सिक्के मिले। एक पर सामने से दिखते हाथी जैसी आकृति बताई गई है; कुछ पत्थर के मनके भी दर्ज हैं। संरचना के मापों के साथ इन छोटी वस्तुओं को दर्ज करना इस उत्खनन का हिस्सा था। पन्ने 100–102 की रिपोर्ट ईंट, रेलिंग, खंभे और सिक्कों को संबंधित स्तूप और उत्खनन-क्षेत्र के संदर्भ में रखती है।
मुख्य बातें
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 1999–2000 के मैदानी सत्र में स्तूप 1 और 2 के आसपास उत्खनन दर्ज किया।
- स्तूप 1 के उत्तरी हिस्से में दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व के आरंभ के पाँच खंडित दान-लेख मिले।
- स्तूप 2 से चार सिक्के और कुछ पत्थर के मनके मिलने का उल्लेख है।
स्रोत और संदर्भ
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण · Indian Archaeology 1999–2000 — A Review, pp. 100–102 ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।



