भोपाल के सीपेट परिसर की मशीनें सिर्फ सिखाने के लिए नहीं खड़ी हैं। सेंटर फॉर स्किलिंग एंड टेक्निकल सपोर्ट का प्लास्टिक परीक्षण केंद्र उन नमूनों को मापता है जो बाद में पाइप, टंकी या घरेलू सामान बनते हैं। संस्थान लिखता है कि केंद्र आईएसओ/आईईसी 17025:2017 के अनुसार एनएबीएल से मान्यता प्राप्त है।
तीसरे पक्ष की निरीक्षण सेवा अलग मुहर रखती है—आईएसओ/आईईसी 17020:2012 पर एनएबीसीबी। एक तरफ प्रयोगशाला में नमूना टूटता है, दूसरी तरफ निरीक्षक फैक्ट्री में प्रक्रिया देख सकते हैं। दोनों काम एक परिसर से जुड़े हैं, प्रमाणन अलग-अलग हैं।
पैनल पर दाब क्यों चल रहा है?
आधिकारिक गैलरी का चित्र हाइड्रोस्टैटिक परीक्षण का नियंत्रण पैनल दिखाता है। स्क्रीन पर दाब और समय के आँकड़े हैं। पाइप में पानी का दबाव तब तक रहता है जब तक मानक पूरा हो या नमूना फेल हो। यह परिसर के वास्तविक यंत्र का फ्रेम है; इसमें दिख रहे लोगों के नाम जारी नहीं किए गए।
मान्यता का मतलब क्या नहीं है?
मान्यता हर उत्पाद को अपने आप सुरक्षित नहीं बनाती। इसका मतलब यह है कि जो परीक्षण सूची में हैं, वे बताए गए मानक से चल सकते हैं। परिचय पृष्ठ 8 जुलाई 2026 को अद्यतन हुआ। नई मशीन या नई मान्यता बाद में जुड़ सकती है; यह लेख उसी पृष्ठ और गैलरी तक सीमित है।
मुख्य बातें
- प्लास्टिक परीक्षण केंद्र आईएसओ/आईईसी 17025:2017 पर एनएबीएल से मान्यता प्राप्त है।
- तीसरे पक्ष की निरीक्षण सेवा आईएसओ/आईईसी 17020:2012 पर एनएबीसीबी से जुड़ी है।
- संस्थान का परिचय पृष्ठ 8 जुलाई 2026 को अद्यतन हुआ; गैलरी का पैनल वास्तविक यंत्र है, किसी एक लॉट का पास-फेल नहीं।
स्रोत और संदर्भ
- CIPET CSTS Bhopal · About CIPET : CSTS - Bhopal ↗8 जुलाई 2026
- CIPET CSTS Bhopal · Technology Support Services ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 17 सितंबर 2026।



